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अदरक और शहद
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बहती नाक की समसà¥â€à¤¯à¤¾ से राहत दिलाने के लिठअदरक और शहद सबसे असरकारी उपाय है। इसके लिठअदरक का à¤à¤• टà¥à¤•ड़ा लें और उसे घिसकर उसका रस निकाल लें। अब इसमें थोड़ा-सा शहद मिलाà¤à¤‚ और यह मिशà¥à¤°à¤£ दिन में दो या तीन बार बचà¥â€à¤šà¥‡ को चटाà¤à¤‚।
​सरसों का तेल
बहती नाक से राहत पाने का बढिया उपाय सरसों का तेल à¤à¥€ है। सरसों के तेल में हींग, लहसà¥à¤¨ की दाे कली और जीरा डालकर तेल को हलà¥â€à¤•ा गरà¥à¤® करें। इससे शिशॠकी पीठऔर छाती की मालिश करें। तेल मालिश से बहती नाक की समसà¥â€à¤¯à¤¾ को ठीक किया जा सकता है।
इसके अलावा नारियल तेल à¤à¥€ शिशॠमें बहनी नाक को रोकने का à¤à¤• अचà¥â€à¤›à¤¾ उपाय है। नारियल तेल में कपूर डालकर गरà¥à¤® कर लें। अब इस तेल को हलà¥â€à¤•े हाथों से शिशॠकी छाती, पीठऔर गरà¥à¤¦à¤¨ पर लगाà¤à¤‚। ये छाती में जमा कफ को साफ करता है और बहती नाक को रोकता है जिससे बचà¥â€à¤šà¥‡ को चैन की नींद आती है।
​जायफल
दूध के साथ जायफल का नà¥à¤¸à¥â€à¤–ा à¤à¥€ बहती नाक रोकने में बहà¥à¤¤ कारगर है। कà¥à¤› चमà¥â€à¤®à¤š दूध में à¤à¤• चà¥à¤Ÿà¤•ी जायफल का पाउडर मिलाà¤à¤‚। इसे उबालें और फिर हलà¥â€à¤•ा ठंडा होने दें। इससे शिशॠको तà¥à¤°à¤‚त राहत मिलेगी।
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